you're reading...
GENDER, Meetings-Conferences

Press Release: All India Network of Sex Workers (AINSW)

AINSW conference in New Delhi on 22 Aug 2013

AINSW conference in New Delhi on 22 Aug 2013

Press Release

New Delhi, August 22: Recognising the strength of sex workers’ collectives in addressing issues faced by them  Dr. Syeda Hameed, Member, Planning Commission of India said that, ” The 12th Five-Year Plan is in many ways imbued with the voices of the excluded.” These communities are at the cutting edge of the inclusive growth she added while delivering the valedictory address along with Mr. Oscar Fernandes and Ms. Aradhana Johri, Additional Secretary, Department of AIDS Control at the two-day National Consultation on the “Protecting Dignity and Rights of Sex Workers”.

Both in his capacity as Union Minister of Surface Transport and Highways Minister and Founder member of Parliamentary Forum on AIDS, Government of India and a long time ally of the sex workers movement Mr. Oscar Fernandes said, “I appreciate your efforts and initiative to come forward and contribute significantly in prevention of HIV.” He informed that PFA is organising a series of workshops all over the country and he sought All India  Network of Sex Workers (AINSW) participation in them.

Social activist Aruna Roy joined the consultation straight from Pension Parishad sit-in at Jantar Mantar. Expressing her solidarity with sex workers’ collective she said, “We recognise sex workers as any other workers in the informal sector.” She supported their demand for de-criminalisation and recognition to their work as work and said that the sex workers should be part of the process of making of laws and policies related to them.

Commenting on the proposed legal amendments in ITPA Ms. K. Sujatha Rao, Former Secretary, Ministry of Health & Family Welfare, Government of India said, “Sex workers are also human being who have their choices and vulnerabilities, they cannot be judged on moral ground. I do not think criminalising clients will help in any way, but it would have adverse effect by increase in violence. Therefore it will not be good measure in public policy terms.”

‘Only Rights can stop the Wrongs’ was the motto of the two-day theme. On the second day of consultation representatives of sex workers discussed issues related with health and violence along with supporters of sex workers’ movements in the Government, Judiciary, Media and Social Activism.

The notable speakers in this session include Ms. Meenakshi Dutta Ghosh, Former Secretary, Ministry of Panchayat and Rural Development, Govt. of India; Mr. Oussama Tawil, UNAIDS; Ms. Sushma Mehorotra; Ms. K. Sujatha Rao, Former Secretary, Ministry of Health & Family Welfare, Government of India;  Ms. Sutapa Deb, Senior Journalist, NDTV; Ms. Kamayani Bali Mahabal, Human Rights Activist; Ms. Alka Narang, United Nations Development Programme; Ms. Sarada Murleedharan, Director, National Rural Livelihood Mission; Mr. Nikhil Dey, MKSS;  Ms. Rashmi Singh, Mission Director, National Mission for Empowerment of Women (NMEW); Mr. Sayedul Haque, Member of Parliament, CPI(M)

Other notable speakers representing sex workers collectives include Ms. P. Koushalya, President PWN+; Ms. Bhagya, Ashodaya; Ms. Kusum

Representatives of sex workers from 13 states, affiliated with the All India Network of Sex Workers (AINSW), which was founded three years ago, have come together in the capital for the two day consultation on 21-22 August 2013.

प्रेस विज्ञप्ति

नई दिल्ली, 22 अगस्त, 2013: सेक्स वर्करों की सामूहिक शक्ति को महसूस करते हुए योजना आयोग की सदस्या डॉ. सैयदा हमीद ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में कई तरीकों को शामिल किया गया है जिससे उपेक्षित लोगों की आवाज  को भी सुना जाएगा। सेक्स वर्करों के सम्मान और अधिकार की सुरक्षा के लिए दो दिनों तक चली राष्ट्रीय बैठक में अपने समापन भाषण में हमीद ने कहा कि सेक्स वर्करों का समुदाय समाज के विकास से कटा हुआ है। हमीद के साथ इस सत्र में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री आस्कर फर्नांडीस और एड्स नियंत्रण विभाग की अतिरिक्त सचिव अराधना जौहरी भी शामिल हुईं।

केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री और एड्स के मुद्दे पर बने संसदीय फोरम के संस्थापक सदस्य और सेक्स वर्करों के आंदोलन से लंबे समय से जुड़े हुए आस्कर फर्नांडीज़ ने कहा, “एचआईवी की रोकथाम की दिशा में आप लोगों की कोशिशों औरप प्रयासों की मैं प्रशंसा करता हूं।” उन्होंने इस मौके पर यह भी बताया कि एड्स के मुद्दे पर बना संसदीय फोरम देश भर में वर्कशाप्स का आयोजन कर रहा है। उन्होंने ऑल इंडिया नेटवर्क ऑफ़ सेक्स वर्कर (एआईएनएसडब्ल्यू) को इन वर्कशाप्स में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।

जंतर मंतर पर पेंशन परिषद की बैठक में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय भी इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंची। उन्होंने सेक्स वर्करों को अपना समर्थन देने की घोषणा करते हुए कहा,  “हम सेक्स वर्करों को असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे दूसरे वर्करों की तरह ही देखते हैं।”

उन्होंने सेक्स वर्करों के पेशे को काम के तौर पर मान्यता दिए जाने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि इसे अपराध के दायरे से हटाना होगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सेक्स वर्करों से संबंधित कानून और नीतियां बनाने में सेक्स वर्करों से सलाह मशविरा किया जाना चाहिए।

आईटीपीए में प्रस्तावित कानूनी संशोधनों पर बोलते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालया की पूर्व सचिव के सुजाता राव ने कहा, “सेक्स वर्कर भी इंसान हैं, उनकी अपनी इच्छाएं होती हैं। उन्हें केवल नैतिक आधार पर नहीं परखा जाना चाहिए। मैं नहीं समझती हूं कि सेक्स वर्करों के ग्राहकों को अपराध के दायरे में लाने से कोई मदद मिलने वाली है। इससे सेक्स वर्करों के साथ हिंसा के मामले बढ़ेंगे। इसलिए सार्वजनिक नीतियों के लिहाज से यह बेहतर कदम नहीं है।”

दो दिनों के राष्ट्रीय बैठक की थीम है- केवल सही कदमों के जरिए ग़लतियों को रोका जा सकता है। बैठक के दूसरे दिन सेक्स वर्करों के प्रतिनिधियों के बीच स्वास्थ्य और उनके ख़िलाफ़ होने वाली हिंसा पर चर्चा हुई। इसमें सरकार, न्यायपालिका, मीडिया और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी शख्सियतों ने हिस्सा लिया।

इस सत्र में बोलने वाले विशिष्ट लोगों में भारत के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय की पूर्व सचिव मीनाक्षी दत्ता घोष, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की पूर्व सचिव के सुजाता राव, सुषमा मेहरोत्रा, यूएनएड्स के ओसामा तावेल, एनडीटीवी की वरिष्ठ पत्रकार सुतापा देब, मानवाधिकार कार्यकर्ता कामायनी बाली महाबल, यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम की अलका नारंग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविकाय आयोग की निदेशक शारदा मुरलीधरन, एमकेएसएस की निखिल डे, राष्ट्रीय स्त्री सशक्तिकरण आयोग की मिशन डायरेक्टर रश्मि सिंह, सीपीआईएम की सांसद सैयदुल हक शामिल थे।

इनके लोगों के अलावा सेक्स वर्कर्स कलेक्टिव के प्रतिनिधियों में पीडब्ल्यूएन प्लस की अध्यक्ष पी कौशल्या, आशोदया की भाग्या और कुसुम ने अपने विचार रखे।

ऑल इंडिया नेटवर्क ऑफ़ सेक्स वर्कर्स (एआईएनएसडब्ल्यू) के बैनर तले तेरह राज्यों के सेक्स वर्करों के प्रतिनिधि राष्ट्रीय राजधानी में सेक्स वर्करों के सम्मान और अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए 21-22 अगस्त को हो रहे राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जमा हुए। तीन साल पहले सेक्स वर्करों के अधिकार और उनके लिए सुविधाओं की मांग के लिए एआईएनएसडब्ल्यू का गठन हुआ था।

 

 

 

 

About Intercultural Resources

Intercultural Resources is a forum for research and political intervention on issues related to the impacts and alternatives to destructive development. Our effort draws upon the social, cultural, material and intellectual resources that have been generated in the course of dialogues between people of different cultures on questions of social justice, development and self-rule. We are of the view that dialogue can sustain plurality and open possibilities for recovery of the ground lost on account of inter-cultural alienation, which is manifest in a variety of forms of violence that we encounter everyday at different levels of social life. Intercultural Resources is based in Delhi, India. Email: ihpindia@gmail.com

Discussion

No comments yet.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: